शहडोल में अभी चल रही है फर्जी कंपनियां , माईक्रोफाइनेंश के नाम पर कर ली करोड़ों की वसूली, गरीब जनता को लगाया करोड़ों का चूना 

जिले में लंबे अर्से से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा गरीब जनता के नाम से ठगी कर लोन दिलाने वाले गिरोह का पुलिस नें भान्डाफोड़ किया है… जिले के पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सोहागपुर पुलिस नें माईक्रोफाइनेंश के नाम पर ठगी करनें वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है… पुलिस नें विकाश द्विवेदी, लक्ष्मण पनिका व शशिकांत राजपूत नामक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है…. आरोपियों के पास से पुलिस नें हजारों की संख्या में फर्जी आधार कार्ड , स्कैनर व प्रिंटर भी बरामद किये हैं … पुलिस उक्त आरोपियों से मामले की पूछताछ कर रही है… वहीं पुलिस अधीक्षक नें इस पूरे मामले की जांच के लिये स्पेशल टीम का भी गठन किया है… इस मामले में अभी और भी बड़े खुलासे होनें की संभावना जताई जा रही है…

माइक्रोफाइनेंस कंपनियों द्वारा लोन के नाम पर गरीबों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का सोहागपुर पुलिस नें पर्दाफास किया है … माईक्रोफाइनेंश कंपनी के नाम पर आरोपी फर्जी आधार कार्ड तैयार कर लोन दिलाने व उनके लोन के पैसे हड़प कर लेते थे … इस पूरे गैंग में तीन आरोपी शामिल थे …

बीते दो दिनों पहले जिले के समीप गांव गोरतरा से सैकड़ो महिलाओं नें आकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत देते हुये कहा कि लक्ष्मण पलिका उसके भाई शंकर पनिका , सुनील पनिका , शशिकांत राजपूत और विकाश द्विवेदी नामक शख्स कियोस्क बैंक कि मिलीभगत से स्व सहायता समूह बनाकर कम ब्याज पर पहले लोन दिलवाया … लेकिन 20 से 25 हजार के लोन पर किसी को 5 हजार तो किसी को 10 हजार रुपये ही मिले … बाकी का पैसा कियोस्क बैंक संचालक से मिलकर लक्ष्मण व उसका भाई बांट आपस बांट लिये … महिलाओं नें जब उनसे अपनें कर्ज चुकानें की बात कही तो वह चुकानें की बात कहते रहे लेकिन किसी का भी पैसा नहीं चुकाया … इतना ही नहीं यह आरोपी जरुरतमंद महिलाओं को निशाना बनाते थे … उन्हें समूह से कर्ज दिलानें के नाम पर उनके फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लेते थे… और 20 से 25 हजार लोन कर उन्हें महज 5 से 10 हजार रुपये ही देते थे … ये आरोपी आर.बी.एल., आशिर्वाद, आरोहण, बंधन बैंक जैसे बैंकों से लोन निकालते थे … इसके साथ ही अनपढ़ महिलाओं की आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों को स्कैन भी कर लेते थे … महिलाओं को लालच दिखाकर ये आरोपी दूसरे बैंको से ईनाम मिलनें का लालच दिखाकर उन्हें बायोमैट्रिक के लिये बैंक तो लेकर जाते थे …और उनके नाम पर बैंक से ज्यादा पैसा निकालकर इन महिलाओं के हाथ में 5 – 10 हजार ही देते थे बाकी की रकम ये आरोपी ये आरोपी अपनें भाई बहनों के खाते में ट्रांसफर कर लेते थे … वहीं जब इन महिलाओं से बैंक द्वारा वसूली के लिये नोटिस पहुंचा तो उन्हें पता लग सका कि उनके नाम से ज्यादा पैसे निकाला गया है

इस पूरे मामले में खास बात यह भी है कि इस नेटवर्क में इन आरोपियों के साथ लोन की राशि देनें वाले बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत हो सकती है… पुलिस फिलहाल पुलिस इन आरोपियों पर 420, 467, 468,471 ,120 बी के तहत मामला कायम कर पूरे मामले की स्पेशल टीम गठित कर जांच कर रही है …

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