याद रखिए- तनाव आना कमजोरी नहीं है, बल्कि उसे साझा न करना कमजोरी है!

मनकक्ष विभाग, जिला चिकित्सालय बुरहानपुर की टीम द्वारा सेवा सदन महाविद्यालय, बुरहानपुर में छात्र-छात्राओं के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में आत्महत्या के कारण, रोकथाम के उपाय, नशा मुक्त जीवन तथा मोबाइल फोन एडिक्शन से होने वाले दुष्परिणामों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत आत्महत्या रोकथाम पर शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया एवं छात्र-छात्राओं से संकल्प प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। साइकोलॉजिस्ट श्रीमती मालविका डांगीवाला ने शब्दों के सही चयन एवं विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मनकक्ष प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर श्रीमती सीमा डेविड ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य सफलता की कुंजी है और कॉलेज जीवन में तनाव से मुक्त रहने हेतु शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मन की सेहत पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने मनहित ऐप एवं टेली मानस टोल फ्री नंबर 14416 की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में आत्महत्या रोकथाम हेतु युवाओं की भागीदारी को “गेटकीपर मित्रम” के रूप में समझाया गया। प्रोफेसर श्रीमान राजेंद्र काले ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। *कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकना, नशा मुक्त जीवन को बढ़ावा देना एवं मोबाइल के दुरुपयोग से बचाव करना रहा।
कार्यक्रम में साइकोलॉजिस्ट श्रीमती मालविका डांगी वाला, प्रोफेसर श्रीमान राजेंद्र काले (सेवा सदन महाविद्यालय), मनकक्ष प्रभारी श्रीमती सीमा डेविड सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



